फक्त..बातमीशी बांधिलकी

फक्त..बातमीशी बांधिलकी

Homeनागपूर न्यूजजीएसटी कानून का अद्यतन होना जरूरी: मुकुल पाटील

जीएसटी कानून का अद्यतन होना जरूरी: मुकुल पाटील

Advertisements

नागपूर, २० नवंबर: करदाताओं के लिए, जीएसटी नियमों की आपूर्ती सुलभ हो और उन्हे अधिक आसानी हो इस हेतू से जीएसटी परिषद कार्यरत है। उद्योग और व्यापार जगत की ओर से दिए जानेवाले हर एक सुझाव पर सरकार बारीकी से विचार कर रही है और साथ ही, जीएसटी कानून में उद्योग और व्यापार जगत के लाभ को देखते हुए समयसमय पर बदलाव किए जा रहे है । साथ ही, जीएसटी दरों में काफी कमी भी की जा चुकी है । जीएसटी कानून का यह अद्यतन होना जरूरी है, ऐसा विचार सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त मुकुल पाटील ने प्रतिपादीत किया।

वे आज नागपूर में भारतीय चार्टर्ड अकाऊंटन्ट्स संस्था के पश्चिम प्रांत के नागपूर चॅप्टर द्वारा आयोजित, जीएसटी के विषय में रिफ्रेशर अभ्यासक्रम के लिए अभिनंदन प्रस्ताव में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।  यहां बोलते हुए उन्होंने, १ जुलै २०१७ को जीएसटी लागू होने के बाद से आज तक हुए बदलाव और अभी हो रहे अद्यतन की संपूर्ण जानकारी तथा मुलभूत नियमों के बारे में सदस्योंका ज्ञान बढाने हेतू आयसीएआय द्वारा आयोजित, इस रिफ्रेशर्स कोर्स की काफी तारीफ भी की । विभिन्न कार्यशालाएं, चर्चासत्र और परिसंवादों के माध्यम से, नियमित रूप से अपने सदस्यों को नए कानून और उपलब्धियों की जानकारी देकर उन्हे ‘अपडेट’ रखने के लिए, आयसीएआय के प्रयासों की उन्होंने प्रशंसा की । ऐसे आयोजनों के माध्यम से सदस्यों की कानूनमें लगातार होनेवाली बदलावों के प्रति शंकाओं का समाधान भी होता है, ऐसा विचार भी उन्होंने व्यक्त किया।

संयुक्त सचिव इन्होने जीएसटी कानून में हाल ही में हुए बदलावों की जानकारी देते हुए मार्गदर्शन किया । उनके साथ विशेष रूप से उपस्थित सीजीएसटी निरिक्षक सुरेश रायुलु इन्होने भी उपस्थित सदस्यों का शंकासमाधान किया । एक आर्थिक सलाहकार होने के नाते, प्रत्येक सीए ने अपने क्लायंट को समय पर जीएसटी भरने हेतू प्रोत्साहीत करना चाहीए, यह बात उन्होंने सामने रखी । उन्होने, विभागीय तौर पर जानकारी देते हुए बताया की, धनवापसी की प्रक्रीया में तेजी आणि कानूनी सुविधा उपलब्ध कराने हेतू विभाग की बदलती भूमिका के बारे में भी उन्होंने अपने विचार रखे । उन्होंने बताया की, विभाग के पास करदाता की सेवाओं का निदेशालय है आणि राष्ट्र के प्रती बेहतरीन सेवा और करदाताओं की समस्याओं का हल करने के लिए अधिकारीयों की नियुक्ती की गई है ।

पाटील इन्होने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए, निर्धारीत जीएसटी आवेदन के विषय पर भी उन्होंने विचार व्यक्त किए । उन्होंने आग्रहपूर्वक कहा की, करदाताओं को इन नए रिटर्न को फाईल करना चाहिए और इसके कार्यान्वयन में आनेवाली समस्याओं के बारे में सुझाव देने चाहिए । इसी बीच, ‘सबका विश्वास विवाद समाधान योजना का लाभ उठाने का आवाहन भी संयुक्त आयुक्त इन्होने किया । यह योजना ३१ दिसंबर २०१९ तक कार्यान्वित है ।

प्रांतीय परिषद के सदस्य सी.ए.अभिजीत केलकर इन्होने नागपूर शाखा के काम की प्रशंसा की और जीएसटी के लिए तांत्रिक उपकरणोंका का इस्तेमाल करने हेतू प्रोत्साहीत किया। साथ ही जीएसटी के भावी आरेखन में सीए प्रोफेशनल्स का महत्त्व बताते हुए उन्होने सदस्यों से प्रलेखन प्रक्रीया अधिक सटीक करने का सुझाव दिया ।
इसके पूर्व, आयसीएआय नागपूर शाखा के अध्यक्ष सीए सुरेन दुरुगकर इन्होने अपने स्वागतपर भाषण में सदस्यों को, आयसीएआयकी नागपूर शाखा की ओर से, समयसमय पर जीएसटी के प्रती जागरूकता लाने के लिए किए जानेवाले प्रयासों से अवगत कराया।  उन्होंने जीएसटी के सखोल अभ्यासकों के लिए आयोजित, अभ्यासक्रम में सहभागी ‘सुपर ३१ सदस्यों की प्रशंसा की और विभागीय अधिकारीयों के प्रती आभार व्यक्त किए । उन्होंने आगे कहा की, चार्टर्ड अकाऊंटन्ट्स ने बदलते समय के साथ काम करने की आवश्यकता है, केवल उनके क्लायन्ट्स की मदत के लिए नहीं अपितु, जीएसटी कानून में लगातार होनेवाले बदलावों को सुचारू रूप से अंमल मे लाने के लिए भी यह करना होगा ।

सीए सतीश सारडा, सीए रितेश मेहता, सीए जय पोपटानी, सीए प्रीतम बत्रा, सीए कुणाल बुधरेजा, सीए रेणुका बोरोले, सीए आशिष मुंधडा और सीए हेमंत राजंदेकर ने जीएसटी से जुडे विभिन्न विषयोंपर अभ्यासपूर्ण विवेचन किया ।

सचिव सीए साकेत बागडीयाने कार्यक्रम का समन्वयन किया और तांत्रिक सत्र का समन्वयन कार्यकारी समिती के सदस्य सीए हरीश रंगवानी ने किया। औपचारीक आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष सीए किरीट कल्याणी ने किया । इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से, सीए संजय अगरवाल, सीए जितेन सगलानी, सीए अक्षय गुल्हाने और अन्य सदस्य बडी संख्या में उपस्थित थे।
…………….

Advertisements
Advertisements
Advertisements
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Latest बातम्या