

1 करोड़ 33 लाख भुगतान करने का दिया आदेश
नागपूर,ता.२ फेब्रुवारी २०२२: नागपुर महानगर पालिका में कार्यरत एवजदार कामगारों ने एक और बड़ी लढाई जीती है. किमान वेतन का फ़र्क़ को हासिल करने हेतु 83 एवजदार कामगारों ने सहाय्यक श्रम आयुक्त, नागपुर के समक्ष दिनांक 21 जुलाई 2018 में नागपुर महानगर पालिका एवजदार कामगार संघटन के अध्यक्ष कामगार नेता जम्मू आनंद के माध्यम से याचिका दायर किये थे. याचिका पर तीन वर्षों में करीब 31 बार सुनवाई की गयी और अंत में दिनांक २२ जनवरी 2022 को श्री लाया, सहाय्यक श्रम आयुक्त ने कामगारों के पक्ष में आदेश दिया और मा. निगम आयुक्त को दिर्देश दिया की 30 दिनों के भीतर 83 कामगारों को 1करोड़ 33 लाख 98 हजार 695 रूपए साथ में एक पट नुक्सान भरपाई के साथ आधा करे. घ्यात रहे की इसके पूर्व 164 एवजदार कामगारों ने भी किमान वेतन का फर्क का केस जीते थे. उन कामगारों की भी पैरवी भाई आनंद ने ही की थी.
काफी लंबे अरसे के सुनवाई के बाद 22 जनवरी 2022 को श्री. उ. सु. लोया ने दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद यह महत्वपूर्ण आदेश दिया और कहां कि 30 दिनों के भीतर उक्त कामगारों को 15 महीने का किमान वेतन का फर्क अदा करें! निगम प्रशासन द्वारा किमान वेतन ना दियी जाने के कारण कामगारों का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करने हेतु कुल भुगतान कि जानेवाली रक्कम का एक पट अधिक रक्कम अदा करने का आदेश दिया गया है! कामगारों की ओर से यूनियन के अध्यक्ष भाई जम्मू आनंद और नागपुर महानगर पालिका की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शरद भट्टड़ ने पैरवी की थी!
मुद्दा यह था कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिनांक 24 फरवरी 2015 को एक आदेश के चलते राज्य के तमाम महानगर पालिकायों एवं नगर परिषदों को किमान वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत स्वतंत्र अस्थापना जाहिर किया और कामगारों के लिए स्वतंत्र समान वेतन जाहिर कि! जिसके मुताबिक वर्ष 2015 में अकुशल, अर्धकुशल और कुशल कामगारों के लिए क्रमशः रूपए 11,500, 13,000 व 14,000 किमान वेतन और महंगाई भत्ता रूपए 2,065 जाहिर किया था! निगम प्रशासन ने अपने एवजदार कामगारों को शासन द्वारा निर्धारित किमान वेतन दिनांक 15 जून 2016 यानी की 15 महीनों बाद लागू किया!
निगम प्रशासन द्वारा ने 15 महीने का किमान वेतन का बकाया देना उचित नहीं समझा कई बार संगठन की ओर से निगम प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई, कई आंदोलन किए गए लेकिन निगम प्रशासन ठस से मस नहीं हुई! अपने आदेश में श्री. लोया ने स्पष्ट किया किया की 1). 83 कामगारों को किमान वेतन का फर्क रूपए 1 करोड़ 33 लाख, 98 हजार, 615 अदा करे, 2). याचिकाकर्ता कामगारों को नुकसान भरपाई हेतु एक पट मतलब रूपए 1 करोड़ 33 लाख, 98 हजार, 615 अधिक अदा करे, 3). बकाया राशि एवं नुकसान भरपाई आदेश के एक महीने के भीतर अदा किया जाय!




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